Garibi Status

क्या किस्मत पाई है!!
रोटीयो ने भी निवाला बनकर!!
रहिसो ने आधी फेंक दी!!
गरीब ने आधी में जिंदगी गुज़ार दी!!
गरीब की बस्ती में ज़रा जाकर तो देखो!!
वहां बच्चे भूखे तो मिलेंगे!!
मगर उदास नहीं!!
घर में चुल्हा जल सकें इसलिए कड़ी धूप में जलते देखा है!!
हाँ मैंने ग़रीब की साँसों को भी गुब्बारों में बिक़ते देखा है!!
कहीं बेहतर है तेरी अमीरी से मुफलिसी मेरी!!
चंद सिक्कों की खातिर तू ने क्या नही खोया है!!
माना नही है मखमल का बिछौना मेरे पास!!
पर तू ये बता कितनी रातें चैन से सोया है!!
बस एक बात का मतलब!!
आज तक समझ नहीं आया!!
जो गरीब के हक के लिए!!
लड़ते हैं वो अमिर कैसे बन जाते हैं!!
Waqt Garibi Status
मेरे कपड़ो से ना कर मेरे किरदार का फैसला!!
तेरा वजूद मिट जायगा!!
मेरी हकीकत जानते जानते!!
अब मैं हर मौसम में खुद को ढाल लेता हूँ!!
छोटू हूँ पर अब मैं बड़ो का पेट पाल लेता हूँ!!
उन घरों में जहाँ मिटटी के घड़े रहते है!!
कद में छोटे मगर लोग बड़े रहते है!!
किस्मत को खराब बोलने वालो!!
कभी किसी गरीब के पास बैठ के पुछना जिंदगी क्या हैं!!
गरीब की हाज़त रावइ तू ही किया कर मेरे मोला!!
तेरे बन्दे बड़ा जलील करते है!!