Vivekananda Thoughts in English

उठो, जागो और तब तक मत रूको!!
जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए!!
अपनी अंतरात्मा को छोड़कर!!
किसी के आगे मस्तक ना झुकाओ!!
ईश्वर तुम्हारे अंदर ही विद्धमान है!!
इसका अनुभव करो!!
जिंदगी में कभी निराश मत होना!!
क्या पता कल वो दिन हो!!
जिसका तुझे सालो से इंतजार था!!
ईश्वर से प्रेम का बंधन असल में ऐसा है!!
जो आत्मा को बांधता नहीं है!!
बल्कि प्रभावी ढंग से उसके सारे बंधन तोड़ देता है!!
भगवान् की एक परम प्रिय के रूप में पूजा की जानी चाहिए!!
इस जीवन या अगले जीवन की सभी चीजों से बढ़कर!!
Thoughts of Vivekananda in English
तुम मुझे पसंद करो या मुझसे नफरत!!
दोनो ही मेरे पक्ष में हैं!!
अगर तुम मुझको पसंद करते हो तो!!
मैं आपके दिल में हूँ!!
और अगर तुम मुझ से नफरत करते हो!!
तो मैं आपके मन में हूं!!
जो तुम सोंचते हो वही तुम बन जाओगे!!
यदि तुम ख़ुद को ताक़तवर सोंचते हो तो ताक़तवर हो जाओगे!!
और यदि तुम ख़ुद को कमज़ोर समझते हो तो कमज़ोर बन जाओगे!!
हमें ऐसी शिक्षा चाहिए!!
जिससे चरित्र का निर्माण हो!!
मन की शक्ति बढ़े!!
बुद्धि का विकास हो और मनुष्य अपने पैर पर खड़ा हो सके!!
कामयाब होने के लिए!!
अपनी मेहनत पर विश्वास करना जरूरी है!!
किस्मत तो जुए में आजमायी जाती है!!
जो कुछ भी तुमको कमजोर बनाता है!!
शारीरिक, बौद्धिक या मानसिक!!
उसे जहर की तरह त्याग दो!!