Swami Vivekananda Thoughts in Hindi

जब तक मनुष्य के जीवन में सुख – दुख नहीं आएगा!!
तब तक मनुष्य को यह एहसास कैसे होगा कि!!
जीवन में क्या सही है? और क्या गलत है!!
ब्रह्मांड की सभी शक्तियां इंसान के शरीर में विद्यमान हैं!!
हम ही मूर्खतापूर्ण आचरण करते हैं!!
जो अपने हाथों से अपनी आंखों को बंद कर लेते हैं!!
और फिर चिल्लाते भी हैं कि हमारे चारों तरफ अंधेरा है!!
कुछ नजर नहीं आ रहा!!
!!स्वामी विवेकानंद!!
अपनी गलती कभी अस्वीकार नहीं चाहिए!!
बल्कि गलती को स्वीकार करके!!
सही करने का प्रयास करना चाहिए!!
हम ईश्वर को नहीं खोज सकते हैं!!
अगर हम उसे अपने हृदय में!!
और प्रत्येक जीवित प्राणी में नहीं देख सकते हैं!!
!!स्वामी विवेकानंद!!
आप जो भी सोचेंगे, आप वही हो जाएंगे!!
अगर आप खुद को कमजोर सोचेंगे तो आप कमजोर बनोगे!!
अगर आप सोचेंगे की आप ताकतवर हैं!!
तो आप शक्तिशाली बन जाएंगे!!
Thoughts of Vivekananda in English
अनीति से लड़ना पाप होता है!!
लेकिन धर्म के लिए नीति का पालन ना करना!!
पाप नहीं होता!!
स्वयं में बहुत सी कमियों के बावजूद!!
अगर मैं स्वयं से प्रेम कर सकता हूं!!
तो दूसरों में थोड़ी बहुत कमियों की वजह से!!
मैं उनसे कैसे घृणा कर सकता हूँ!!
!!स्वामी विवेकानंद!!
जिसके साथ श्रेष्ठ विचार रहते हैं!!
वह कभी भी अकेला नहीं रह सकता!!
एक समय में एक ही काम करो!!
और उस समय सब कुछ भूलकर!!
अपनी पूरी आत्मा उसमें डाल दो!!
!!स्वामी विवेकानंद!!