Nida Fazli Shayari on Life in Hindi

उसको रुख़सत तो किया था!!
मुझे मालूम न था!!
सारा घर ले गया!!
घर छोड़ के जाने वाला!!
अपने हाथों की लकीरों में बसा ले मुझको!!
मैं हूँ तेरा तो नसीब अपना बना ले मुझको!!
मुझसे तू पूछने आया है वफ़ा के माने!!
ये तेरी सादा-दिली मार ना डाले मुझको!!
ख़ुद को मैं बाँट ना डालूँ कहीं दामन-दामन!!
कर दिया तूने अगर मेरे हवाले मुझको!!
Shayari of Nida Fazli
बरबाद करने वालो से नहीं कोई शिकवा मुझे!!
अपने कातिल को भी जीने की दुआ देता हूँ मै!!
हमने तो अपनी ज़िन्दगी तमाम कर दी!!
अपनी तो हर साँस उनके नाम कर दी!!
सोचा था कि कभी तो गुजरेगी रात काली!!
पर उसने तो सुबह होते ही शाम कर दी!!
इक मुसाफ़िर के सफ़र जैसी है सब की दुनिया!!
कोई जल्दी में,कोई देर से जाने वाला!!
ना गौर कर मेरे तरकीब-ए-मुहब्बत पर!!
काबिल-ए-गौर हैं मेरी तहरीरें मुहब्बत पर!!
यूं तो इश्क दो दिलों के हिफाजत का मसला है!!
पर हो रकाबत, चलती है शमशीरें मुहब्बत पर!!
Shayari of Nida Fazli
अपने गमो का कब किसी को पता देता हूँ मै!!
चोट लगती है तो खुल कर मुस्कुरा देता हूँ मै!!
हमें प्यार की भाषा नहीं आती अजनबी!!
यूँ आँखों से ये बातें बनाया न कीजिए!!
ज़रा नादान हैं हम अभी इश्क में सनम!!
यूँ सबक इश्क़ के हमें पढ़ाया न कीजिए!!
एक बे-चेहरा सी उम्मीद है,चेहरा चेहरा!!
जिस तरफ़ देखिये आने को है आने वाला!!