Nida Fazli Love Shayari in Hindi

कुछ लोग यूं ही शहर में हमसे भी खफा हैं!!
हर एक से अपनी भी तबियत नहीं मिलती!!
जिस्म कि चाह मे ना जाने!!
कितने रिस्ते नाते तोड़े गये!!
इश्क़ मोहब्बत प्यार झूठे सरे बादे थे!!
इस झूठ से ना जाने कितने घर उजाड़े गये!!
जमींदारी कचहरी दीवानी छोड़ आए हैं!!
हम तेरे लिए हुक्मरानी छोड़ आए हैं!!
हमें अपने किस्से का एक किरदार ही बना लो!!
हम तेरे लिए अपनी कहानी छोड़ आए हैं!!
Shayari of Nida Fazli
गिनतियों में ही गिने जाते हैं हर दौर में हम!!
हर कलमकार की बेनाम ख़बर के हम हैं!!
हम लबों से कह ना पाए उनसे हाल ए दिल कभी!!
और वो समझे नहीं ये खामोशी क्या चीज है!!
जीने को तेरी प्यार की दौलत मिली तो थी!!
जब तुम नहीं थे उन दिनों हम भी गरीब थे!!
तुमसे मिला था प्यार कुछ अच्छे नसीब थे!!
हम उन दिनों अमीर थे जब तुम करीब थे!!
सर से पाव तक वो शख्स गुलाब का बागां लगता है!!
वो मोहब्बत की पुरी कोई दास्तान सा लगता है!!
Shayari of Nida Fazli
दुनिया जिसे कहते हैं जादू का खिलौना है!!
मिल जाये तो मिट्टी है खो जाये तो सोना है!!
अच्छा सा कोई मौसम तन्हा सा कोई आलम!!
हर वक़्त का रोना तो बेकार का रोना है!!
वक़्त के साथ है मिट्टी का सफ़र सदियों से!!
किसको मालूम कहाँ के हैं किधर के हम है!!
तुमने मुझे खुद से तो अलग कर दिया है!!
मुझे मुझमे जरा सा कही!!
और कुछ अपने पास रहने!!