Nida Fazli Poetry in Hindi

उसकी गली से दूर होकर!!
यू तो हर चहरे को याद किया है!!
जिससे थोड़ी सी खताये थी!!
अकसर वो ही याद आ गए!!
होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है!!
इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है!!
उस को रुख़्सत तो किया था मुझे मालूम न था!!
सारा घर ले गया घर छोड़ के जाने वाला!!
अब ख़ुशी है ना कोई ग़म रुलाने वाला!!
हमने अपना लिया हर रंग ज़माने वाला!!
उसको भूले हुए ना जाने कितने वक़्त गुजर गया!!
ना जाने आज क्यों हँसते हुए उसे धमकाया है!!
Shayari of Nida Fazli
कोशिश भी कर उमीद भी रख रास्ता भी चुन!!
फिर इस के ब’अद थोड़ा मुक़द्दर तलाश कर!!
हम लबों से कह न पाए उन से हाल-ए-दिल कभी!!
और वो समझे नहीं ये ख़ामोशी क्या चीज़ है!!
एक बे-चेहरे सी उम्मीद है चेहरा-चेहरा!!
जिस तरफ भी देखिये आने को है आने वाला!!
कभी हमसे भी पूछ लो!!
इज़्ज़तदार लोगो के इज़्ज़त का हाल!!
हमने भी इस शहर मैं रहकर!!
थोड़ा नाम कमाया है!!
किसी के वास्ते राहें कहाँ बदलती हैं!!
तुम अपने आप को ख़ुद ही बदल सको तो चलो!!