Nida Fazli Quotes in Hindi

अपनी मर्जी के कहाँ!!
अपने सफ़र के है हम!!
रुख हवाओ का जिधर का है!!
उधर के है हम!!
अब किसी से भी शिकायत नहीं रही!!
जाने किस-किस से गिला था पहले!!
कुछ चंद लोंगो के हाथों में!!
लाखो के तक़दीर है!!
बेशक़ अलग अलग है धर्म!!
लेकिन जंजीर एक ही है!!
मैं भी तू भी यात्री चलती रुकती रेल!!
अपने अपने गाँव तक सब का सब से मेल!!
गम अपने सारे लेकर अब कही जाया नही जाए!!
बिखरे हुए घर के चीज़ों को अब सजाया जाए!!
Shayari of Nida Fazli
यहाँ कोई किसी को रास्ता नहीं देता!!
मुझे गिरा कर अगर तुम संभल सको तो चलो!!
मुमकिन है सफर तो!!
आजा अब साथ मे चलकर के देखे!!
थोडा तुम बदल के देखो!!
थोड़ा हम भी बदल के देखे!!
उस जैसा तो दूसरा मिलना था दुश्वार!!
लेकिन उस की खोज में फैल गया संसार!!
कुछ लोग यूँही शहर में हम से भी ख़फ़ा हैं!!
हर एक से अपनी भी तबीअत नहीं मिलती!!
बच्चो के छोटे-छोटे हाथो को चाँद सितारे छूने दो!!
चार किताबे पढ़ कर ये भी हम जैसे हो जायेंगे!!