Rahat Indori Motivational Shayari in Hindi

तन्हाई ले जाती है जहाँ तक याद तुम्हारी!!
वही से शुरू होती है ज़िन्दगी हमारी!!
नहीं सोचा था चाहेंगे हम तुम्हे इस कदर!!
पर अब तो बन गए हो तुम किस्मत हमारी!!
फैसला जो कुछ भी हो हमें मंजूर होना चाहिए!!
जंग हो या इश्क हो भरपूर होना चाहिए!!
भूलना भी हैं जरुरी याद रखने के लिए!!
पास रहना है तो थोडा दूर होना चाहिए!!
कभी महक की तरह हम गुलो से उड़ते है!!
कभी धुएं की तरह पर्बतों से उड़ते है!!
ये कैचियां हमें उड़ने से ख़ाक रोकेंगी!!
के हम पैरो से नहीं हौसलों से उड़ते है!!
अब अपने लहजे में नर्मी बहुत ज़्यादा है!!
नए बरस में नयी जंग का इरादा है!!
मैं अपनी लाश लिए फिर रहा हूँ कांधे पर!!
यहाँ ज़मीन की कीमत बहुत ज़्यादा है!!
साँसों की सीडियों से उतर आई जिंदगी!!
बुझते हुए दिए की तरह जल रहे हैं हम!!
उम्रों की धुप जिस्म का दरिया सुखा गई हैं!!
हम भी आफताब मगर ढल रहे हैं हम!!
मेरे खालिद की गहराई से नहीं मिलते!!
ये झूठे लोग है सच्चाई से नहीं मिलते!!
मोहब्बत का सबक दे रहे है दुनिया को!!
जो ईद अपने सगे भाई से नहीं मिलते!!
आग के पास कभी मोम को लाकर देखूं!!
हो इज़ाज़त तो तुझे हाथ लगाकर देखूं!!
दिल का मंदिर बड़ा वीरान नज़र आता है!!
सोचता हूँ तेरी तस्वीर लगाकर देखूं!!
सिर्फ खंजर ही नहीं आँखों में पानी चाहिए!!
ऐ खुदा दुश्मन भी मुझको ख़ानदानी चाहिए!!
मेरी ख्वाहिश है कि आंगन में न दीवार उठे!!
मेरे भाई मेरे हिस्से की जमीं तू रख ले!!
कभी दिमाग कभी दिल!!
कभी नजर में रहो!!
ये सब तुम्हारे घर हैं!!
किसी भी घर में रहो!!
दोस्ती जब किसी से की जाए!!
दुश्मनों की भी राय ली जाए!!