Motivational Rahat Indori Shayari

रात की धड़कन जब तक जारी रहती है!!
सोते नहीं हम जिम्मेदारी रहते हैं!!
जब से तू ने हल्की हल्की बातों की!!
यार तबियत भरी भारी रहती है!!
लू भी चलती थी तो बड़े-शबा कहते थे!!
पाव फेलाया अंधेरों को दिया कहते थे!!
उनका अंज़ाम तुझे याद नहीं है शायद!!
और भी लोग थे जो खुद को खुदा कहते थे!!
सूरज सितारे चाँद मेरे साथ मे रहे!!
जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ मे रहे!!
शाखो से टूट जाए वो पत्ते नही है हम!!
आँधी से कोई कह दे औकात मे रहे!!
Rahat Indori Love Shayari
दुआ की थी मोटा भाई के लिये!!
लेकिन कही अटक गए!!
नजाने क्या जादू हुआ!!
इंदौरी सटक गए!!
मस्जिदें कबूल थी!!
बस मंदिर खटक गए!!
भूमिपूजन से आहत राहत सटक गए!!
हाथ खाली है तेरे से जाते जाते हैं!!
जान होती तो मेरी जान लुटा जाते!!
अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पता चलता है!!
उमर गुजरी है तेरे शहर में आते आते!!
जुबान तो खोल!!
नजर तो मिला!!
जवाब तो दे!!
मैं कितनी बार लुटा हूं!!
मुझे हिसाब तो दे!!
जो दौर का दुनिया का उसी दौर से बोलो!!
बहरो का इलाक़ा है ज़रा ज़ोर से बोलो!!
दिल्ली मे हम ही बोला करे अमन की बोली!!
यारों कभी तुम लोग भी लाहोर से बोलो!!
Rahat Indori Love Shayari
हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं!!
मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं!!
जो ये दीवार का सुर है साजिस का हिसा है!!
मगर हम इसे अपने घर का रौशनदान कहते हैं!!
मांगी थी दुआ शाह की!!
राहत निकल लिया!!
कोरोना तेरी दुआ का गुलाम थोड़ी है!!
लेटा दो इसे खोद के!!
अब जमीन चार गज हूरों का बाग है!!
ये कब्रिस्तान थोड़े है!!
किसी से हाथ भी चुप कर मिलायें!!
वरना इसे भी मौलवी शब हराम कह देंगे!!