Rahat Indori Love Shayari in Hindi

जवानिओं में जवानी को धुल करते हैं!!
जो लोग भूल नहीं करते!!
भूल करते हैं अगर अनारकली हैं!!
सबब बगावत का सलीम!!
हम तेरी शर्ते कबूल करते हैं!!
हर सुबह है वही मातम दर ओ दीवार के साथ!!
कितनी लाशें मेरे घर आएंगे अखबार के साथ!!
तेरी हर बात मोहब्बत में गँवारा करके!!
दिल के बाज़ार में बैठे हैं खसारा करके!!
मैं वो दरिया हूँ कि हर बूंद भंवर है जिसकी!!
तुमने अच्छा ही किया मुझसे किनारा करके!!
आप के इंतजार में खो दिया हमने अपना चैन!!
आपके आने की खबर से मिली राहत और रैन!!
उस की याद आई है!!
साँसो ज़रा आहिस्ता चलो!!
धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है!!
Rahat Indori Love Shayari
कि राज़ जो कुछ हो इशारों में बता भी देना!!
और हाथ जब उससे मिलाना दबा भी देना!!
अब ना मैं हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे!!
फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे!!
ज़िन्दगी है तो नए ज़ख्म भी लग जाएंगे!!
अब भी बाकी हैं कई दोस्त पुराने मेरे!!
एक खास किस्म की राहत मिलती है मुझे!!
जब उसको देखता हूं नींद में मेरे सीने से लिपटे हुए!!
ये ज़रूरी है कि आँखों का भरम कायाम रहे!!
नींद रखो या न रखो ख़्वाब मेरी रखो!!
तेरे बदन की लिखावट में है उतार-चढ़ाव!!
मैं तुझको कैसे पढ़ लूंगा मुझे किताब तो दे!!