Maharishi Valmiki Jayanti Shayari

राजा को हमेसा उच्च चरित्र और!!
आदर्शवादी होना चाहिए!!
तभी वह प्रजापालक कहलाता है!!
गुरु होता सबसे महान!!
जो देता है सबको ज्ञान!!
आओ इस वाल्मीकि जयंती पर!!
करें अपने गुरु को प्रणाम!!
आप ज्ञान और पैसा और प्रतिष्ठा!!
और शक्ति इकट्ठा कर सकते हैं!!
लेकिन अगर प्यार से चूक गए है!!
तो आप असली दरवाजा चूक गए हैं!!
भगवान परशुराम की कृपा आप पर बनी रहे!!
राम-सीता हैं मेरे पूज्य प्रभु!!
इनके चरणों में करूँ मैं नमस्कार!!
जब भी हो नया सुनहरा सवेरा!!
राम-राम नाम जपूँ मैं बार-बार!!
वाल्मीकि जयंती की सुभकामनाएँ!!
आप साहसी कायर या बलवान हो!!
या आपके अंदर दुर्गुण भावना है!!
यह आपके चरित्र से ही पता चल जाता है!!
मन कभी भी मनचाही वस्तु प्राप्त होने के बाद भी संतुष्ट नही होता!!
जैसे किसी फूटे हुए बर्तन में चाहे कितना भी पानी भर दिया जाय!!
लेकिन वह कभी पूरा नही भरता!!
Maharishi Valmiki Jayanti
सुख दुःख हैं जीवन के मेहमान आते!!
हमारे पास बिन बुलाये!!
अहंकार का करो नाश तुम ये जीवन का दुश्मन कहलाये!!
महर्षि वाल्मीकि!!
कर दिया महा चमत्कार!!
अपने निर-गुन्न बालाक का कर दीया जीवन उद्धार!!
गुरु जी के चर्नो में मेरा बार बारपरम!!
हैप्पी वाल्मीकि जयंती!!
किसी के प्रति दूषित भावना रखने से!!
अपने मन खुद मैले हो जाते है!!
इस वर्ष की वाल्मीकि जयंती!!
आपके परिवार में सुख समृद्धि लाये!!
वाल्मीकि जयंती की आपको हार्दिक शुभकामनाये!!
भगवान वाल्मीकि जी हमारे इस जीवन रूपी नाव को पार लगाना!!
और जीवन में आने वाली हर मुसीबत का सामना करने का बल देना!!
जय जय वाल्मीकि जी की!!