Sad Dard Bhari Shayari
जिस दिन बरसते हैं तेरी याद के बादल!!
आसमान कोई चांद और सितारा नहीं होता!!
यूं ही मेरे दिल को छू जाते हैं अक्सर!!
वो दर्द जिन्हें हमने पुकारा नहीं होता!!
काफी वक़्त हो गया उससे मिले हुए हम तो!!
मिलना चाहते हैं उससे आज भी!!
पर उसके पास आज भी वक़्त नहीं है मिलने का!!
होले होले कोई याद आया करता है!!
कोई मेरी हर साँसों को महकाया करता है!!
उस अजनबी का हर पल शुक्रिया अदा करते हैं!!
जो इस नाचीज़ को मोहब्बत सिखाया करता है!!
Gam Bhari Shayari
तू अफ़वाह जैसी हो गई है!!
तुझको जानने की ललक भी होती है और संदेह भी!!
वो बिछड़ के हमसे ये दूरियां कर गई!!
न जाने क्यों ये मोहब्बत अधूरी कर गई!!
अब हमे तन्हाइयां चुभती है तो क्या हुआ!!
कम से कम उसकी सारी तमन्नाएं तो पूरी हो गई!!
चाहा ना उसने मुझे बड़ा फायदा उठाता रहा!!
मेरी ज़िन्दगी से वह बस खेलता रहा!!
ना उतरा कभी मेरी जिंदगी की समंदर में!!
बस किनारे पर बैठकर पत्थर फेंकता रहा!!
दिन हुआ है तो रात भी होगी!!
मत हो उदास उससे कभी बात भी होगी!!
वो प्यार है ही इतना प्यारा!!
ज़िंदगी रही तो मुलाकात भी होगी!!
Gam Bhari Shayari
तू मुझे भी पराई सी लगने लगी है!!
मैं तो तेरे लिए था पराया!!
अब तू भी मेरे लिए पराई होने लगी है!!
ये तो जमीन की फितरत है कि!!
वो हर चीज को मिटा देती है!!
वरना तेरी यादों में गिरने वाले!!
आंसुओं का अलग समंदर होता!!
वह बात क्या करेगा जिसकी कोई खबर ना हो!!
वह दुआ क्या करेगा जिसका कोई असर ना हो!!
कैसे कह दूं कि लग जाए हमारी उम्र आपको!!
क्या पता अगले पल हमारी उम्र ना हो या ना हो!!