Shayari Gam Wala
लोग कहते हैं हमसे तुम बहुत बदल गए हो!!
तो अब क्या टूटे हुए पत्ते रंग भी न बदलें!!
लोग कहते हैं हमसे तुम बहुत बदल गए हो!!
तो अब क्या टूटे हुए पत्ते रंग भी न बदलें!!
मेरे इस दर्द की वजह भी वो हैं!!
और मेरे दर्द की दवा भी तो वो हैं!!
वो नमक ज़ख्मों पे लगाते हैं तो क्या!!
मोहब्बत करने की वजह भी तो वो हैं!!
उम्मीद से बढ़कर निकली तुम तो!!
मैंने तो सोचा था दिल ही तोड़ोगी!!
तुमने तो मुझे ही तोड़ दिया!!
मुझ से नाराज है तो छोड़ दे तनहा मुझको!!
ए ज़िन्दगी मुझे रोज़ रोज़ तमाशा न बनाया कर!!
Gam Bhari Shayari
एक नया दर्द मेरे दिल में जगा कर चला गया!!
कल फिर वो मेरे शहर में आकर चला गया!!
जिसे ढूंढते रहे हम लोगों की भीड़ में!!
मुझसे वो अपने आप को छुपा कर चला गया!!
उम्मीद से बढ़कर निकली तुम तो!!
मैंने तो सोचा था दिल ही तोड़ोगी!!
तुमने तो मुझे ही तोड़ दिया!!
सुन यह रिश्ता भी कितना अजीब है!!
जोड़े भी नहीं जाता और तोड़े भी नहीं जाता!!
मुस्कुराते हुए इंसान की कभी जेबे देखना!!
हो सकता है रूमाल गिला मिले!!
मैं हमेशा डरता था उसे खोने से!!
उसने ये डर ही ख़त्म कर दिया मुझे छोड़कर!!