Dard Bhari Shayari in Hindi

उदास करती है मुझे हर रोज़ ये शाम!!
ऐसा लगता है जैसे कोई भुला रहा है धीरे-धीरे!!
इन तन्हाइयों से दोस्ती कर ली हैं मैंने!!
तेरी यादो में कई आंसू बहाये हैं मैंने!!
ना तेरी कोई गलती थी!!
ना ही थी तू बेवफा!!
शायद किस्मत में ही लिखा था!!
तुझसे होना जुदा!!
हमारे अपने सपने ही हमारा सर दर्द बने हुए हैं!!
हमारे दर्द की वजह हमारे हमदर्द ही बने हुए है!!
इस वक़्त ने मुझे ना जाने कैसे-कैसे दिन दिखाए है!!
मेरे अपनों में ही छिपे प्रायो के चेहरे दिखाए है!!
Gam Bhari Shayari
दुखों के बाजार में हमारा बचपन गुजरा है!!
जिंदगी के हर दर्द को!!
बहुत बारीकी से महसूस किया है!!
अब ना कोई वादा रहा!!
और ही ना कोई हिस्सा रहा!!
मैं टूट कर बिखरता रहा!!
बस यही मेरी किस्सा रहा!!
पता नहीं उनकी क्या नाराज़गी थी मुझसे!!
बिना बताये बहुत दूर हो गयी हैं वो मुझसे!!
आदत डाल लेना इस ज़िन्दगी से मिले दर्द की जनाब!!
ये दर्द कम होना नहीं बस बढ़ना जानता है!!
तरस गए हैं हम तेरे मुँह से कुछ सुनने को!!
प्यार की बात न सही कोई शिकायत ही कर दें!!